भारत में घूमने की 10 सबसे खूबसूरत जगह

भरत एक खूबसूरत देश है जिसका इतिहास काफी पुराना है भारत में घूमने के लिए लोग देश विदेश से आते हैं यह दक्षिण एशिया में स्थित है भारत एक गहरी संस्कृति जरा और विशाल विरासत वाला देश है भारत में हम कम बजट में भी घूम लेते हैं भारत एक बहुत ही खूबसूरत देश है जिसका इतिहास काफी पुराना है भारत की जगह ऐतिहासिक महलों कुदरती नजर और प्राकृतिक की दिल जीत लेने वाली सुंदरता से भरी हुई है भारत को एक बहुत ही खूबसूरत देश माना जाता है आज हम आपको कुछ ऐसे जगहों का नाम बताएंगे जहां कि आप जाके बहुत ही शांति महसूस करेंगे और भारत की सुंदरता के बारे में जानेंगे भरत देशों में कई खूबसूरत पर्यटन स्थल भी हैं और ऐसे कई जगह है जो हरियाली और अद्भुत जंगलों से भरपूर है अगर आप भारत की यात्रा करना चाहते हैं तो चलिए मैं आपको बताती हूं कि आपको कहां-कहां भारत में यात्रा करना चाहिए

Contents

1.  भारत की प्रमुख पर्यटन स्थल - हिमाचल प्रदेश 

हिमाचल प्रदेश भारत का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है यहां की असीम सुंदरता और आप यहां आने वाले पर्यटकों को बेहद प्रभावी करता है हिमाचल प्रदेश राज्य में घूमने के लिए बहुत सी जगह है जहां पर आप घूम के अपने आप को शांति महसूस करेंगे बहुत सी धार्मिक स्थल भी है हिमाचल प्रदेश में हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों के लिए खास राज है यहां की निर्मल जी उपहार और प्राचीन मंदिर पर्यटकों को बेहद आकर्षित करते हैं अपनी ऊची ऊची घटिया और पहाड़ियों के साथ हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता यहां आने वाले लोगों को शांति प्रदान करती है हिमाचल प्रदेश की सीमा पूर्व में उत्तर में जम्मू कश्मीर में पंजाब में उत्तर प्रदेश से लगी है हिमाचल प्रदेश में सेवा का बहुत ज्यादा उत्पादन होता है जिसकी वजह से इस देश के आज के रूप में भी जाना जाता है हिमाचल प्रदेश का इतिहास काफी हद तक उत्तर भारत के इतिहास में मेल खाता है यह को ऐतिहासिक मनुष्य द्वारा बताया गया था और यह सिंधु घाटी सभ्यता के काल में महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक था भारत की स्वतंत्रता के बाद 1950 में संविधान लागू होने पर हिमाचल प्रदेश को एक राज बना दिया गया था चलिए देखते हैं हिमाचल प्रदेश में और कौन-कौन से देखने लायक पर्यटन स्थल है

हिमाचल प्रदेश की प्रमुख पर्यटन स्थल- मनाली :-

हिमाचल की प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक मनाली भी है मनाली पीर पंजाल और धौलाधार पर्वत माला के बर्फ से ढकी ढलान के बीच स्थित देश के सबसे लोकप्रिय हेलो स्टेशनों में से एक माना जाता है मनाली समुद्र तल से 1950 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है जो कि हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले का एक हिस्सा है मनाली प्रकृति से प्रेम करने वाले पर्यटकों और प्रेमी जोड़ों के लिए जन्नत के समान है मनाली अपने हरे-भरे जंगल फूलों के साथ बिच्छू घास के मैदानों नीले रंगों की धारों हो और ताजगी की लगातार खुशबू के साथ-साथ एक असाधारण प्राकृतिक स्थल है जहां पर बहुत से लोग घूमने को आते हैं अपने पार्टनर के साथ अपने फैमिली के साथ मनाली में संघ राज्यों से लेकर मंदिर तक नदी के रोमांच से लेकर ट्रेनिंग तक गांवों से लेकर उबर खाबर गलियों तक यहां आने वाले पर्यटकों का मन मोह लेता है और यहां के कल्लू नदी के बने पानी की आवाज और पक्षियों की आवाज आपका दिल जीत लेता है यहां पर जो लोग एक बार आ जाते हैं उसे बार-बार मन करता है कि मैं फिर से जाऊंगा और मनाली को घूम के आ यह बहुत ही आकर्षित करने वाला जगह है

हिमाचल प्रदेश की प्रमुख पर्यटन स्थल- कसौली :-

 

 

कसौली हिमाचल प्रदेश के सबसे खास पर्यटक स्थल में से एक माना जाता है कसौली हिमाचल प्रदेश के दक्षिण पश्चिम भाग में छोटा सा शहर है जो हिमालय पर्वत के निचले किनारे पर स्थित है कसौली चंडीगढ़ से शिमला के रास्ते में स्थित पहाड़ी शहर है जो शहरों की भीड़ से दूर एक आदर्श शांतिपूर्ण स्थल बनाया गया है कसौली देवदार के सुंदर जंगलों के बीच स्थित बनाया गया है जिससे अंग्रेजों द्वारा बनाया गया है यह एक विक्टोरिया इमारतों के लिए रहस्य के लिए भी जाना जाता है कसौली मैं बहुत ही ज्यादा आकर्षित शांति मिलता है क्योंकि यहां की सुंदरता बहुत ही अद्भुत है यहां पर शांत वातावरण सबका मन मोह लेता है जो भी पर्यटक यहां पर आते हैं

हिमाचल प्रदेश की प्रमुख पर्यटन स्थल -किन्नौर :- 

 

 

हिमाचल प्रदेश की प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक प्रमुख स्थल किन्नौर भी है किन्नौर को लेट ऑफ गॉड के रूप में माना जाता है जो शिमला से लगभग 235 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है किन्नौर में बौद्ध धर्म के लोग हैं और हिंदू धर्म के लोग भी आते हैं क्योंकि किन्नौर में भगवान शिव और शिवलिंग है जो कि यहां पर हिंदू धर्म के लोग आते हैं और यहां की कथाएं पांडवों की कहानी से भी संबंधित है और बोला जाता है कि किन्नौर में आसपास में पुराने बौद्ध मठ और मंदिर भी हैं जो अपने आप में एक अलग महत्व रखते हैं और बौद्ध धर्म के लोग भी यहां आते हैं पौधों के द्वारा भी पूजा किया जाता है किन्नौर की सुंदरता असीम है क्योंकि यहां पर हिंदू और बौद्ध धर्म के भाईचारे की जगह एक अलग तरह की संस्कृति के अस्तित्व को दर्शाती है जो भी हिंदू पर्यटक इस जगह पर आते हैं वह प्रसिद्ध किन्नर कैलाश को देखने जरूर जाते हैं यहां की सुंदरता बहुत ही ज्यादा असीम मैं यहां पर हरे भरे वृक्ष और चट्टानों की सुंदरता के लिए काफी प्रसिद्ध है बसपा और स्पीति नदी के बीच स्थित है

2.  भारत की प्रमुख पर्यटन स्थल - ताजमहल आगरा 

आगरा का नाम सुनते ही सबसे पहले हमें याद आता है ताजमहल का क्योंकि ताजमहल एक ऐसे व्यक्तियों ने बनवाया था और उनकी यादों में बनवाया था जो कि बहुत ही मायने रखता है ताजमहल शाहजहां ने बनवाए थे मुमताज बेगम की यादों में आगरा को ताजमहल का शहर भी कहा जाता है आगरा भारत के उत्तरी राज्य उत्तर प्रदेश में यमुना नदी के तट पर बसा एक शहर है आगरा भारत में विश्व के सात अजूबों में एक है क्योंकि आगरा में ही ताजमहल है तो सात अजूबों में एक है आगरा का ताजमहल और यह हमारे देश भारत के लिए गौरव की बात है लेकिन आगरा में केवल यही एक चीज देखने लायक नहीं है आगरा में बहुत से ऐसे चीजें हैं जो कि हमें देखने को मिलता है आगरा उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक शहर है जिस पर ज्यादातर मुगलों का शासन काल रहा है इसलिए यहां पर मुगलों द्वारा बहुत सी इमारतें बनवाई गई है जिसका विवरण महाभारत में अग्रवाल के रूप में भी किया गया है और अभी की आगरा का खोज छठवीं शताब्दी में हुआ था जिस पर कि बाबर का शासन काल था और जब आगरा पर अकबर का हुक्म थी तब मुगल बादशाह अकबर ने फतेहपुर सीकरी का निर्माण करवाया जो कि 15 वर्षों तक चला इसके बाद जहांगीर और शाहजहां का शासन रहा शाहजहां के शासनकाल में आगरा शहर को बहुत लोकप्रियता मिले क्योंकि शाहजहां ने बहुत खूबसूरत इमारत और मुगल स्थापना कला का बेजोड़ नमूना खड़ा किया जो कि ताजमहल के नाम से जाना जाता है ताजमहल शाहजहां ने मुमताज बेगम की यादों में बनवाए थे रविंद्र नाथ टैगोर के अनुसार ताजमहल एक ऐसी इमारत है जिसे शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की मृत्यु के शौक में बनवाया था या 1632 इसमें इमारत को बनाने की शुरुआत की गई थी और यह इमारत बनकर तैयार हुई थी 1648 शुरू में बोला जाता है कि इस इमारत को बनवाने में 20000 मजदूर काम करते थे और इसे बनने में पूरे 17 साल का समय लग गया था यह सफेद संगमरमर से बना ताजमहल को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया गया है यह सात अजूबों में से एक माना जाता है ताजमहल को प्रेम का प्रतीक माना जाता है यहां पर दुनिया भर के लोग देखने को आते हैं

3.  भारत की प्रमुख है पर्यटन स्थल -लेह लद्दाख 

लेह लद्दाख भारत का सबसे खूबसूरत प्रदेश में से एक देश माना जाता है यहां पर बहुत से लोग आते हैं घूमने के लिए यहां पर बहुत से बौद्ध गुफाएं हैं जो अपनी सुंदरता से दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं और खींच लाते हैं लद्दाख में हम इस्मार्ट शंकर गोपिया मालूमात ऐसे बहुत से मट्ठे जिन्हें देखने के लिए लोग बहुत दूर-दूर से आते हैं आइए जानते हैं लद्दाख में कौन-कौन से पर्यटन स्थल हैं हमें देखने के लिए यहां पर बहुत सारी जिलेबी है जोकि देखने लायक है लद्दाख को पृथ्वी का स्वर्ग भी कहा जाता है क्योंकि यह अपने प्राकृतिक दृश्यों से यहां आने वाले पर्यटकों को बेहद प्रभावित करता है लद्दाख में बहुत से लोग संस्कृति की वजह से भी जाने जाते हैं बहुत से लोगों को लेह और लद्दाख एक ही जगह समझ में आता है जो कि गलत है मैं आपको बता दूं कि जम्मू और कश्मीर राज्य को तीन भागों में विभाजित किया गया है जिसमें जम्मू कश्मीर और लद्दाख आते हैं लद्दाख दो भागों में बांटा गया है जिसमें यह जिला और कारगिल जिला शामिल है लेह शहर यहां स्थित अपने आकर्षक मठों खूबसूरत पर्यटन स्थल और शानदार बाजारों की वजह से प्रसिद्ध है लेह लद्दाख अपने कठिन रास्तों और खूबसूरत बर्फबारी और कई साहसिक गतिविधियों की वजह से भारत में घूमने की सबसे अच्छी जगह मानी जाती है अगर आप लेह लद्दाख की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं या कर रहे हैं तो यह जरूर ध्यान दें कि यहां पर बहुत सी चीजें हैं देखने के लिए जो कि मैं आपको बताऊंगी कि आप यदि लेह लद्दाख जा रहे हैं तब कहां-कहां घूमे

लेह लद्दाख की प्रमुख पर्यटन स्थल -पैंगोंग झील :-

लेह लद्दाख के एक प्रमुख पर्यटन स्थल में से पैंगोंग झील आता है पैंगोंग झील लद्दाख पर्यटन स्थल का सबसे खूबसूरत स्थल माना जाता है पैंगोंग झील बेहद ही सुंदर चीज है जो कि 12 किलोमीटर लंबी और यह लेख तिब्बत से शुरू होती है यह झील करीब 43000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है इस झील का पानी बहुत ज्यादा ठंडा होता है और यदि वहां पर ठंड होती है तो उस ठंड के कारण पानी जम जाता है पैंगोंग झील में तो बहुत सी फिल्मों की शूटिंग भी होती है पैंगोंग झील का पानी बिल्कुल साफ होता है और इस झील के आसपास कई सारी सुंदर पहाड़ियां भी है जो लोग लद्दाख घूमने के लिए आते हैं वह इस दिल को देखने के लिए जरूर आते हैं इस जगह का तापमान 5 डिग्री से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रहता है तो इसलिए ध्यान दें यदि आप कभी भी लद्दाख घूमने के लिए आए तो अपने साथ ठंड के कपड़े जरूर रखें बिना गर्म कपड़े लिए लद्दाख घूमने ना आए क्योंकि यदि आप लगाएं हैं तो पेंसिल जरूर घूमे पैंगोंग झील अपनी प्राकृतिक सुंदरता क्रिस्टल और कोमल पहाड़ियों क्षेत्र के सुंदर परिदृश्य की वजह से एक लेह लद्दाख का एक प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है

लेह लद्दाख की प्रमुख पर्यटन स्थल -मैग्नेटिक हिल :-

मैग्नेटिक हिल भी लेह लद्दाख का प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक माना जाता है मैग्नेटिक हिल को ग्रेविटी हिल भी कहा जाता है क्योंकि इस हिल पर गुरुत्वाकर्षण बल बेहद ही तेजी से आता है और गुरुत्वाकर्षण बल के कारण वाहन अपने आप ही इस खेल की ओर खिंचा चला जाता है यह हिल 14000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है इस हिल से बेहद ही सुंदर नजारा देखने को मिलता है मैग्नेटिक हिल लेह से 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और इस जगह जाने के लिए आपको आसानी से बाइक और गाड़ी किराए पर मिल जाएंगे आप आसानी से इस हिल तक पहुंच जाएंगे

लेह लद्दाख की प्रमुख पर्यटन स्थल- फुगताल मठ :-

लद्दाख में बहुत सारे मठ हैं लेकिन इसमें से फुगताल मठ को बहुत ज्यादा पर्यटन स्थल के लिए प्रमुख माना जाता है यह मार्ट जाकर क्षेत्र में स्थित है इस मठ में आकर लोग ध्यान लगाया करते हैं ऐसा कहा जाता है कि यह मट्ठे लगभग 22 से 50 साल पहले बनवाया गया था इस मठ में आकर आपको बेहद ही सुकून मिलेगा बहुत ही शांति महसूस आता है यहां पर ध्यान लगाने से यह मैच एक पहाड़ी पर बनवाया गया है यहां पर बहुत से बच्चे को शिक्षा भी दी जाती है यहां बहुत से मंदिर भी हैं जहां पर की बहुत से लोग पूजा करने के लिए आते हैं यहां के मंदिरों में दिल्ली अच्छे जीवन और कामों के लिए प्रार्थना की जाती है यहां के त्यौहार बहुत ही उत्साह और मनोरंजन के साथ मनाया जाता है यह एक ऐसा मत है जहां पर पैदल यात्रा करके पहुंचा जा सकता है फुगताल मठ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है और यह टैगिंग प्रेमियों के लिए एक बहुत खास जगह है आप इस प्रमुख स्थल का डोरा करना ना भूले आप इस स्थल पर जरूर आएं यहां पर आपकी सारी कष्ट दूर हो जाएगी फुकताल या फुगताल मठ एक अलग मठ है जो लद्दाख में जांच का क्षेत्र के दक्षिणी और पूर्वी भाग में स्थित हैं या उन उद्देश्यों और विद्वानों की जगह है जो प्राचीन काल में यहां रहते थे और यहीं पर ध्यान क्या करते थे और शिक्षा लेते थे और सिखाते थे

4.  भारत की प्रमुख पर्यटन स्थल -जम्मू और कश्मीर 

जम्मू कश्मीर उत्तर भारत का एक ऐसा राज्य है जहां पर्यटन की संभावना बहुत ही ज्यादा आने की होती है हालांकि बहुत सालों से यहां पर आतंकवादी हमले भी होते हैं और सारा छिन्न-भिन्न हो गया है इसके बावजूद भी पर्यटक यहां आने से नहीं घबराते हैं यहां पर दुनिया से लोग आते हैं क्योंकि जम्मू कश्मीर एक आकर्षित सा जगह है जहां पर आने के बाद सभी शांति महसूस करते हैं जम्मू कश्मीर शीतकालीन राजधानी जम्मू अपनी विशेषताओं के कारण देश-विदेश पर्यटन को आकर्षक का केंद्र है यहां पर अनेक जातियां संस्कृति वह भाषाओं का संगम बनाया प्रदेश एक खूबसूरत पर्यटन स्थल भी है तवी नदी के खूबसूरत किनारे पर स्थित जम्मू कश्मीर राज्य का मुख्य प्रवेश द्वार है यहां पर साथ ही साथ वैष्णो देवी जाने के लिए यहां लाखों तीर्थयात्री आते हैं यहां पर स्थित अनगिनत मंदिरों के कारण इसे मंदिर की नगरी भी कहा जाता है यहां पर कश्मीर घाटी भारत में से एक सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल है या पृथ्वी पर स्वर्ग के समान है जहां पर आने के बाद हमेशा सदाबहार परिदृश्य और बर्फ से भरे बाहर उनको देखने को मिलता है कश्मीर की यात्रा हर पवित्र प्रेमी को अपने घूमने जाने वाले पर्यटन स्थलों की लिस्ट में सबसे पहले रखा जाता है आप जब जम्मू कश्मीर की यात्रा करते हैं तो आपको बहुत ही चीज देखने को मिलेगा यहां पर बहुत से मंदिर हैं बहुत सारी चीजें हैं यहां की दृश्य बहुत ही ज्यादा मनोरम है आकर्षित है जो लोग यहां पर आते हैं एक बार वह दोबारा अवश्य आते हैं क्योंकि यहां किया कर उसे खींच लाती है यदि आप सच में जम्मू-कश्मीर घूमना चाहते हैं यहां पर जम्मू कश्मीर घूमने के टाइम मार्च और अक्टूबर के महीने में आए माना जाता है कि 19th 89 ईसवी में मध्य में शुरू हुए पाक प्रायोजित आतंकवाद ने कश्मीर को पर्यटन स्थलों की सूची से दूर कर दिया था पर आंकड़े बताते हैं कि बमों के धमाकों और गोलियों की बरसात के बीच भी आने वालों के कदम कभी रुके नहीं आकर रुकते भी कैसे कहूं कि कश्मीर में आतंकवाद का जितना आज बाकी है उससे कहीं ज्यादा तो देश के बड़े-बड़े शहरों में है आप इक्का-दुक्का को नजरअंदाज किए जाने लगा है और यहां की आकर्षण हेतु से खींच लाती है वहां की पहाड़ी जंगल झाड़ी जो कि देखने में बहुत ही अद्भुत लगते हैं जम्मू कश्मीर में आने वाले पर्यटकों का आकर्षण सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि सारा साल कश्मीर आने वाले को अब ताता लगा रहता है देश भर में जब गर्मियां अपने युवक पर होती हैं तो पहाड़ों की ठंडक लेने के लिए जम्मू कश्मीर आते हैं उड़ने वाले पर्यटन को कदम जल्द वापस जाने को तैयार नहीं होती यही कारण है कि जम्मू कश्मीर में पहले लोग 2 या 3 दिन की प्लानिंग करके आते थे बट अब जो वही लोग दोबारा आते हैं तो साथ 8 दिन की प्लानिंग करके आते हैं क्योंकि वहां की सुंदरता ही लोगों का दिल जीत लेता है और वहां की आकर्षण उसे खींच लाता है और भी लोग सात-आठ दिनों की छुट्टी लेकर वहां पर आते हैं और वहां पर टाइम बिठाते हैं जम्मू कश्मीर श्रीनगर की राजधानी है इसके साथ-साथ वहां की खूबसूरत और रमणीक स्थलों की सूची बहुत लंबी मानी जाती हैं कश्मीर में अनेक ऐसे स्थान हैं जिनका चक्कर लगाए बगैर कश्मीर की यात्रा पूरी नहीं हो सकती हैं श्रीनगर शहर को ही अगर अच्छी तरह से देखना हो या फिर विश्व प्रसिद्ध डल झील में नौका विहार अन्या हाउसबोट का मजा लेना हो तो दो-तीन दिन कम पड़ते हैं ऐसे में कश्मीर आकर बर्फ का नजारा लेने के लिए कुमार की सेट किए बिना धरती के स्वर्ग यात्रा कभी पूरी नहीं हो सकती विश्व से प्रसिद्ध हिल स्टेशन में एक माना जाता है

5.  भारत के प्रमुख पर्यटन स्थल -ऋषिकेश 

ऋषिकेश भारत के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है जो कि हरिद्वार से 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है हिमालय निचले भागों में स्थित ऋषिकेश काफी प्रभावशाली है क्योंकि यह चारों ओर हरे भरे वातावरण और सुंदर वातावरण से घिरा हुआ है यहां पर पर्यटक दूर-दूर से घूमने के लिए आते हैं यहां पर लक्ष्मण झूला हरिद्वार से पुरी नीलकंठ महादेव मंदिर परमार्थ निकेतन नीलकंठ महादेव मंदिर राम झूला त्रिवेणी घाट वशिष्ट गुफा जैसे कई आकर्षक पर्यटन स्थल है जो कि लोगों को यहां पर आने के लिए मजबूर कर देती है ऋषिकेश उत्तराखंड राज्य के देहरादून जिले में स्थित एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है यह भारत में हिमालय की तलहटी में स्थित है और इससे गढ़वाल हिमालय के प्रवेश द्वार और योग कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड के रूप में माना जाता है देहरादून से 43 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में स्थित है इस तीर्थ नगरी के रूप में जाना जाता है हिंदुओं के सबसे पवित्र स्थानों में से बहुत ही महत्वपूर्ण पवित्र स्थान माना जाता है प्राचीन समय में यहां पर ऋषि मुनि ध्यान करते थे और प्रार्थना किया करते थे ऋषिकेश एक देवभूमि है जो की देहरादून जिले का प्रमुख तीर्थ स्थान है यहां बहुत से देवी-देवताओं का निवास है इसलिए इसे देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है यहां पर पवित्र गंगा नदी के तट पर स्थित है और यहां पर तीन-चार वेदांत सिम शिवलिंग पर्वत से घिरा हुआ है यहां बहुत से प्राचीन मंदिर और आश्रम भी हैं जिनका यहां धार्मिक महत्व ऋषिकेश योग राजधानी कहा जाता है क्योंकि योग और ध्यान कहां शिक्षण मिलता है हिंदू समुदाय के लोग यहां पर अवश्य आते हैं साधु संत सभी लोग यहीं पर आकर ध्यान लगाते हैं ऋषिकेश हरिद्वार के बीच सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है यहां पर हर रोज शाम में मां गंगा की आरती होती हैं यह शहर कई मंदिरों से घिरा हुआ है यहां पर बहुत से गुफाएं भी हैं हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच की दूरी 19 पॉइंट 9 किलोमीटर है एनएच 34 डेज मार के मध्य से इसमें लगभग 40 मिनट लगते हैं हर रोज हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच नियमित बस सेवाएं रहती हैं पर्यटक चाहे तो हरिद्वार से ऋषिकेश ट्रेन के जरिए भी जा सकते हैं

6.  भारत की प्रमुख पर्यटन स्थल -हवामहल 

हवा महल भारत के जयपुर में स्थित एक ऐसा महल है जिसका निर्माण लाल और गुलाबी बलुआ पत्थर से क्या किया है यह भारत की दर्शनीय स्थलों में से एक माना जाता है इसका भारत में बहुत विशेष स्थान है इस महल का निर्माण महाराजा सवाई जयसिंह के पुत्र महाराज सवाई प्रताप सिंह द्वारा किया गया था हवामहल का निर्माण 1799 में किया गया था जब हम जयपुर की भ्रमण करने जाते हैं तो यहां के विश्व प्रसिद्ध महल हवा महल हवा महल अपने उत्कृष्ट वस्तुओं और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है या प्राचीन सरचना यहां के अनिवार दर्शनीय स्थलों में गिनी जाती है जिससे जयपुर आने वाले सभी प्राणी देखते हुए जाते हैं इस महल में टोटल 953 खिड़कियां है जिस वजह से इस महल में हवा का बहाव हमेशा बना रहता है इसलिए इसको हवा महल कहा जाता है इस महल का निर्माण राजपूत राशि महिलाओं के लिए किया गया था ताकि वे शहर की गतिविधियां देख सकें

7.  भारत की प्रमुख पर्यटन स्थल -श्रीनगर 

भारत की प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक श्रीनगर भी है जहां कि लोग घूमने के लिए देश विदेश से आते हैं श्रीनगर का हर भाग्य पृथ्वी पर स्वर्ग के समान लगता है बता दे कि जम्मू और कश्मीर की राजधानी श्रीनगर है यह झेलम नदी के तट पर स्थित है और यहां की जलवायु बिल्कुल शुद्ध माना जाता है श्रीनगर को हेवन ऑन अर्थ के नाम से भी जाना जाता है झेलम नदी के मार्ग पर स्थित श्रीनगर बहुत ही खूबसूरत मान्यता प्राप्त पर्यटन स्थल में से एक है इसे कश्मीर घाटी का दिल भी कहा जाता है श्रीनगर में आश्चर्यचकित करने वाले बहुत से धार्मिक और पर्यटन स्थान है शहर के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक डल झील श्रीनगर में ही पाया जाता है जहां की प्राकृतिक सौंदर्य का नजारा दिखाई देता है और झील के बगल में स्थित हजरत बल मस्जिद यहां की खूबसूरती की और बढ़ा देता है मुगल गार्डन पर्यटकों को ध्यान अपनी ओर खींचता है जबकि शांति के लिए आप शंकराचार्य पहाड़ी पर स्थित शंकराचार्य मंदिर में आ सकते हैं एशिया का सबसे बड़ा टापू गार्डन श्रीनगर में ही स्थित है जिसे की इंदिरा गांधी के नाम से भी जाना जाता है यह जगह बहुत सी हिंदी फिल्मों का हिस्सा भी रहा है यहां पर बहुत सी चीज देखने के लिए हैं जैसे की डल झील हजरत बल दरगाह दाचीगाम नेशनल रिजर्व शंकराचार्य मंदिर वूलर झील ऐसे बहुत से मंदिर झील मस्जिद हैं जिससे कि हम श्रीनगर में देखते हैं तो हमें चाहिए कि जब भी हम श्रीनगर घूमने के लिए जाए वहां की सारी चीज घूम के आए देख कर आए जो कि भारत के प्रसिद्ध और लोकप्रिय पर्यटक स्थल में से एक है और यह अपने इसी प्रकृतिक सुंदरता वह यहां के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे अमरनाथ और वैष्णो माता मंदिर के कारण प्रत्येक वर्ष कई हजारों भारतीय और विदेशी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को आकर्षित करते हैं

डल झील  :-

 

डल झील श्रीनगर का कहना या कश्मीरी के मुकुट के नाम से लोकप्रिय हैं डल झील कश्मीर में दूसरी सबसे बड़ी झील है यह झील सुर में झील 26 वर्ग किलोमीटर के बड़े क्षेत्र में फैली हुई है जो श्रीनगर आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र है यह जेल हिमालय की तलहटी में स्थित है इस झील को यहां पर शिकारा यानी लकड़ी की नाव पर हाउसबोट के लिए काफी जाना जाता है इस झील में हाउस लकड़ी की हाउसबोट से सभी लोग इस पार से उस पार जाते हैं यानी कि घूमते हैं डल झील में सभी लोग पानी की जहाज की सवारी करते हैं यह डल झील श्रीनगर शहर में 17 किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है 3 दिशाओं से पहाड़ी से घिरी झील डल झील जम्मू कश्मीर की दूसरी सबसे बड़ी झील है 5 मील लंबी और डायमंड चोरी डल झील श्रीनगर की नहीं बल्कि पूरे भारत की सबसे खूबसूरत जिलों में से एक माना जाता है इस दिल में मुख्य रूप से मछली पकड़ने का काम किया जाता है डल झील पर सजे शिकारी पर्यटकों से फसल से भरे हुए रहते हैं जो डल झील के सक्रिय झक मार के माध्यम से पर्यटकों के लिए ले जाते हैं उन्हें कश्मीर की वास्तविक संस्कृति से परिचित कराते हैं

हजरत बल दरगाह :-

सफेद रंग के पत्थर से बनी खूबसूरत मस्जिद और आकर्षण पैदा करने वाला यह मस्जिद है हजरत बल दरगाह जहां पर की शांति महसूस होता है जय श्री नगर के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है हजरत बल दरगाह में मुसलमानों की काफी श्रद्धा है कहा जाता है कि इस प्राचीन स्मारक में पैगंबर मोहब्बत के बाल के अवशेष हैं स्मारक की सुरक्षा में लगाए गए सिक्योरिटी और बैरिकेड को पार करने के बाद चारों और सेल गार्डन और पानी का नजारा आप का मन मोह लेता है हजरत बल दरगाह भारत के जम्मू कश्मीर राज्य के श्रीनगर शहर में स्थित एक प्रसिद्ध दरगाह है यहां पर बोला जाता है कि पैगंबर मोहब्बत की काहे का एकबाल रखा हुआ है जिससे लाखों लोगों की आस्था जुड़ी है कश्मीरी भाषा में मूल का अर्थ जगह होता है और हजरत का अर्थ हर तलब का अर्थ है हजरत होता है हर तलब डल झील की बाई ओर स्थित है और इसे कश्मीर का सबसे पवित्र मुस्लिम तीर्थ यात्राओं में से एक माना जाता है भारतीय भाषा में बालू को या मौका जाता है इसलिए हर तलब में सुरक्षित वालों को एकदम या मुबारक भी कहा जाता है हर तरफ को लेकर यह मान्यता है कि पैगंबर मोहब्बत के वंशज अब्दुल्लाह से चलकर भारत आए और आधुनिक कर्नाटक राज्य के बीजापुर क्षेत्र में आपसे यह बहुत ही आकर्षित जगह है जहां पर सभी लोग आने के बाद शांति महसूस करते हैं

शंकराचार्य मंदिर :-

श्रीनगर के डल झील के पास शंकराचार्य पर्वत पर स्थित भगवान शिव के इस शंकराचार्य मंदिर का इतिहास लगभग 2000 साल पुराना है समुद्र की सतह से करीब 11000 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर को तपते सुलेमान के नाम से भी जाना जाता है यह मंदिर कश्मीर के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है इस मंदिर का निर्माण राजा गोपाल दत्त ने 371 ईसवी में किए थे और डोगरा शासक महाराजा गुलाब सिंह ने मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का निर्माण करवाएं इस मंदिर की वास्तुकला और यहां की दिव्यता देखते ही बनती है मान्यता है कि जगतगुरु शंकराचार्य ने भारत यात्रा के दौरान यहां आए थे और यहां वह पावन स्थल है जहां जगतगुरु शंकराचार्य भगवान शिव की साधना करते थे यह मंदिर प्राचीन पूरे रंग के पत्थर से बना है जो पहाड़ों से ढकी घने शंकराचार्य की पहाड़ियों पर स्थित है इससे पहले तक थे सुलेमान के नाम से भी जाना जाता है याद रहे कि इस मंदिर में शाम 5:00 बजे से पहले पहुंचे जाते हैं हालांकि यह रात 8:00 बजे तक खुला रहता है और शाम 5:00 बजे के बाद सेना यहां चार पहियों के वाहन को जाने की इजाजत नहीं देते हैं भगवान शिव के दर्शन के बाद यहां से आप आसपास के शानदार दृश्य देख सकते हैं

8.  भारत की प्रमुख पर्यटन स्थल- गोवा 

गोवा भारत के सबसे खूबसूरत जगह में से एक माना जाता है यहां पर देश-विदेश से लोग घूमने आते हैं क्योंकि गोवा में बहुत अच्छे-अच्छे चीज देखने को मिलते हैं और यहां की सुंदरता असली में गोवा का नाम सामने आते ही आंखों के सामने घूमने लगता है गोवा की खूबसूरती जैसे लंबी चौड़ी समुद्र किनारे ऐतिहासिक इमारतें शाम की ठंडी ठंडी हवा पंछियों की आवाज शानदार सफर सारे कुछ याद आने लगते हैं गोवा आते ही गोवा घूमने के लिए वैसे तो आप कभी भी जा सकते हैं लेकिन अक्टूबर से दिसंबर तक यहां घूमने का अपना अलग ही मजा आता है खासकर दिसंबर में तो गोवा विदेशी पर्यटकों से भरा पड़ा रहता है और यहां की न्यू ईयर पार्टी पूरी दुनिया में मशहूर है अब तो मुंबई में गोवा के लिए कुछ भी चलने लगे हैं जिससे पर्यटक की तादाद बढ़ गई है कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि गोवा में सब कुछ है जो एक पर्यटक चाहता है गोवा लगभग 450 साल तक पुर्तगाल शासन के अधीन रहा इसलिए यहां पर यूरोपीय संस्कृति का प्रभाव अधिक महसूस होता है दिसंबर 1961 में गोवा को भारतीय प्रशासन को सौंपा गया था संस्कृति की दृष्टि से गोवा की संस्कृति काफी प्राचीन है गोवा का नाम गोवा का और गोवा किसने सबसे पहले बनाया था गोवा की रचना भगवान परशुराम ने की थी जिन्होंने अपने बाणों से समुद्र की योजना पीछे की और खेल दिए थे आज भी गोवा के कई स्थानों के नाम वरली वरली इत्यादि के नाम से जाना जाता है गोवा में उत्तर मल के पास भूरे रंग का एक पर्वत है जिसे परशुराम के यज्ञ करने का स्थान माना जाता है ऐतिहासिक दृष्टि से गोवा के बारे में सबसे पहले महाभारत में लिखा गया था उस समय गोवा का नाम या ने गाय चराने वाले का देश कहा जाता था माना जाता है कि गोवा का ही गोवा राज्य एक ऐसा राज्य है जहां का पर्यटन आपकी जेब के मुताबिक बदलता रहता है यहां आप 5 से 10000 से लेकर 600000 तक वैसा बचत बना सकते हैं यहां के दृश्य बहुत ही आकर्षण है गोवा की सबसे खूबसूरत जगह गोवा में बहुत सारे मंदिर भी हैं जैसे कि श्री कामाख्या मंदिर सप्तकोटेश्वर श्री शांतादुर्गा नारायणी मंदिर परनेम का भगवती मंदिर महालक्ष्मी आदि दर्शनीय मंदिर बहुत से हैं

9.  भारत की प्रमुख पर्यटन स्थल -आगरा का लाल किला 

आगरा का लाल किला भारत के प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक हैं आगरा शहर का यह एक ऐतिहासिक किला है इस किले पर 1638 तक मुगल राजवंश का सम्राटों का शासन था फिर राजधानी को आगरा से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया था इसकी डे पर अंग्रेजों द्वारा कब्जा करने से पहले इस किले पर अंतिम भारतीय शासकों मराठों का कब्जा था भारत कीड़ों का देश है राज्य में सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए पूरे देश में जगह-जगह दुर्गों का निर्माण कराया गया था अनेक दुर्गों के बीच इतिहास की गवाही देता है आगरा का लाल किला लाल वस्तुओं पत्थरों से बना होने की वजह से लाल किले का रंग लाल दिखाई देता है और जिसके कारण नाम लाल किला बारा करीब 19 से 40 वर्षों के ऐतिहासिक के उतार-चढ़ाव को समेट लाल किला को देखने के लिए दुनिया भर में बहुत से लोग आते हैं भारत का यह लाल किला सबसे महत्वपूर्ण किला में से एक है भारत के मुगल सम्राट बाबर हुमायूं अकबर जहांगीर शाहजहां और औरंगजेब यहां रहा करते थे यह वही से पूरे भारत पर शासन किया करते थे यही राज वह सार्वत्रिक खजाना संपत्ति वह टकसाल जी यहां विदेशी राजदूत यात्री व उच्च पदस्थ लोगों का आना जाना लगा रहता था जिन्होंने भारत के इतिहास को रचा

10.  भारत की प्रमुख पर्यटन स्थल -कुतुब मीनार

कुतुब मीनार भारत का सबसे खास और प्रसिद्ध पर्यटक स्थल में से एक हैं कुतुब मीनार दिल्ली के दक्षिणी इलाके में महरौली में स्थित है यह इमारत हिंदू मुगल इतिहास का एक बहुत खास हिस्सा माना जाता है कुतुबमीनार को यूनेस्को द्वारा भारत के सबसे पुराने वैश्विक धरोहर की सूची में शामिल किया गया था कुतुब मीनार दुनिया की सबसे बड़ी इमारत की दीवार है जिसकी ऊंचाई 72 पॉइंट 5 मीटर है इसमें 779 सीरिया है जो मीनार के शिखर तक पहुंचती है जमीन पर इस इमारत का व्यास 14 पॉइंट 32 मीटर है जो शिखर तक पहुंचने पर 2 पॉइंट 75 मीटर रह जाता है इस इमारत की स्थापना कला देखने में भाव लगती है कुतुब मीनार घूमने पर इसके अंदर में एक वीडियो भी दिखाई जाती है जो कि 10 मिनट की है इस वीडियो में इस फिल्म में दिखाई जाती है कि जिस में कुतुब मीनार और कुतुब कंपलेक्स में स्थित इमारतों के बारे में कई दिलचस्प बातें जानकारी मिलती है कुतुबमीनार कई ऐतिहासिक इमारतों से घिरा हुआ है और यह सब कुतुब कंपलेक्स के अंतर्गत आती है इस कॉन्प्लेक्स में दिल्ली का लौह स्तंभ अल्लाह दरबार अलाउद्दीन का मदरसा और ऐसे बहुत से चीजें हैं जो कि हमें वहां देखने को मिलते हैं कुतुब मीनार और सेंड स्टोन से बनी भारत की सबसे ऊंची इमारत है यदि में निर्मित किया गया था इसकी इमारत राजधानी दिल्ली में खड़ी है इस इमारत को देखने के लिए लोग देश विदेश से आते हैं यह देखने में बहुत ही आकर्षक लगती है

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